Income Tax Calculator FY 2026-27: नया बनाम पुराना टैक्स रिजीम – कौन सा चुनें?
हर साल वेतनभोगी कर्मचारी, फ्रीलांसर और छोटे व्यापारी एक ही सवाल से जूझते हैं – "मुझे नया टैक्स रिजीम चुनना चाहिए या पुराना?" सही फैसला आपके हजारों रुपये बचा सकता है। इस लेख में हम FY 2026-27 के लिए दोनों रिजीम की आसान भाषा में तुलना करेंगे, उदाहरण से समझेंगे और बताएंगे कि हमारे फ्री Income Tax Calculator से अपना टैक्स कुछ सेकंड में कैसे निकालें।
इनकम टैक्स रिजीम क्या होता है?
रिजीम यानी टैक्स गणना का तरीका। भारत में फिलहाल दो विकल्प हैं। नया टैक्स रिजीम में टैक्स की दरें कम हैं, लेकिन HRA, 80C, होम लोन ब्याज जैसी ज्यादातर छूट नहीं मिलतीं। पुराना टैक्स रिजीम में दरें ज्यादा हैं, पर आप कई तरह की कटौतियां और छूट क्लेम कर सकते हैं। नया रिजीम अब डिफॉल्ट है, यानी अगर आप कुछ नहीं चुनते तो वही लागू होता है।
नया टैक्स रिजीम: स्लैब और खास बातें
नए रिजीम में टैक्स स्लैब इस प्रकार हैं:
| वार्षिक आय (₹) | टैक्स दर |
|---|---|
| 0 – 4 लाख | शून्य |
| 4 – 8 लाख | 5% |
| 8 – 12 लाख | 10% |
| 12 – 16 लाख | 15% |
| 16 – 20 लाख | 20% |
| 20 – 24 लाख | 25% |
| 24 लाख से ऊपर | 30% |
- वेतनभोगियों के लिए ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है।
- धारा 87A की छूट के कारण टैक्स योग्य आय ₹12 लाख तक होने पर टैक्स शून्य हो जाता है। यानी वेतनभोगी की कुल सैलरी लगभग ₹12.75 लाख तक हो तो भी टैक्स नहीं लगता।
- इस पर 4% हेल्थ एंड एजुकेशन सेस अलग से लगता है।
पुराना टैक्स रिजीम: स्लैब और खास बातें
| वार्षिक आय (₹) | टैक्स दर |
|---|---|
| 0 – 2.5 लाख | शून्य |
| 2.5 – 5 लाख | 5% |
| 5 – 10 लाख | 20% |
| 10 लाख से ऊपर | 30% |
पुराने रिजीम में ₹50,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है और आप इन कटौतियों का फायदा ले सकते हैं:
- धारा 80C: PPF, EPF, ELSS, जीवन बीमा प्रीमियम, बच्चों की ट्यूशन फीस आदि (अधिकतम ₹1.5 लाख)।
- धारा 80D: स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम।
- HRA: किराए पर रहने वालों के लिए हाउस रेंट अलाउंस की छूट।
- होम लोन ब्याज (धारा 24b): स्व-कब्जे वाले घर पर ब्याज की कटौती।
- NPS (80CCD(1B)): अतिरिक्त ₹50,000 तक की कटौती।
एक उदाहरण से समझें
मान लीजिए आपकी सालाना सैलरी ₹15 लाख है। नए रिजीम में ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद टैक्स योग्य आय ₹14.25 लाख होगी। स्लैब के हिसाब से टैक्स ₹93,750 बनेगा और 4% सेस जोड़कर कुल लगभग ₹97,500 देना होगा।
अब मान लीजिए आप पुराने रिजीम में 80C के ₹1.5 लाख, HRA, होम लोन ब्याज और अन्य कटौतियां मिलाकर काफी बड़ी छूट क्लेम कर पाते हैं, तो टैक्स योग्य आय घट जाती है। ऐसे में कुछ लोगों के लिए पुराना रिजीम सस्ता पड़ सकता है। इसलिए बिना कैलकुलेशन किए फैसला करना जोखिम भरा है।
कौन सा रिजीम किसके लिए बेहतर है?
नया रिजीम चुनें अगर…
- आपकी आय ₹12–13 लाख तक है और टैक्स शून्य कराना चाहते हैं।
- आप ज्यादा निवेश या छूट क्लेम नहीं करते।
- आप कागजी झंझट और दस्तावेज संभालने से बचना चाहते हैं।
पुराना रिजीम चुनें अगर…
- आपका होम लोन चल रहा है और ब्याज अच्छा-खासा है।
- आप किराए के घर में रहते हैं और HRA मिलता है।
- आप 80C, 80D और NPS में नियमित निवेश करते हैं और कुल कटौती बहुत ज्यादा है।
अंगूठे का नियम: अगर आपकी कुल कटौतियां आम तौर पर ₹3.75–4 लाख से कम बैठती हैं, तो नया रिजीम अक्सर फायदे में रहता है। पर यह आय के स्तर पर निर्भर करता है, इसलिए कैलकुलेटर से जांच करना सबसे सही है।
TaxTool.online के कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें?
- वेबसाइट के होमपेज पर Income Tax Calculator (FY 2026-27) खोलें।
- "वार्षिक आय" वाले बॉक्स में अपनी सालाना सकल आय दर्ज करें।
- तुरंत नए और पुराने दोनों रिजीम का अनुमानित टैक्स स्क्रीन पर दिख जाएगा।
- जो रिजीम कम टैक्स दिखाए और आपकी स्थिति से मेल खाए, उसे चुनें।
इसके लिए किसी रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है, यह मोबाइल पर भी आसानी से चलता है और पूरी तरह फ्री है। टैक्स के अलावा आप यहां GST, HRA, SIP, PPF, EPF और लोन EMI कैलकुलेटर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
अभी अपना इनकम टैक्स कैलकुलेट करें →टैक्स बचाने के कुछ आसान तरीके
- वित्त वर्ष की शुरुआत से ही निवेश की योजना बनाएं, आखिरी महीने की भागदौड़ से बचें।
- PPF, ELSS और NPS जैसे विकल्पों को अपने लक्ष्य के हिसाब से चुनें, सिर्फ टैक्स बचाने के लिए नहीं।
- अपने नियोक्ता को सही रिजीम की जानकारी समय पर दें, ताकि TDS सही कटे।
- एडवांस टैक्स की नियत तारीखें याद रखें, ताकि ब्याज और पेनल्टी न लगे।
- फॉर्म 16, AIS और 26AS का मिलान करके ही रिटर्न फाइल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. क्या मैं हर साल रिजीम बदल सकता हूं?
हां, वेतनभोगी व्यक्ति हर साल रिटर्न फाइल करते समय अपनी सुविधा से रिजीम चुन सकते हैं। बिजनेस इनकम वाले करदाताओं पर बदलाव को लेकर कुछ सीमाएं लागू होती हैं।
Q2. क्या नए रिजीम में 80C की छूट मिलती है?
नहीं, नए टैक्स रिजीम में 80C, 80D और HRA जैसी ज्यादातर कटौतियां उपलब्ध नहीं होतीं। कुछ गिनी-चुनी छूट जैसे नियोक्ता का NPS योगदान अपवाद हैं।
Q3. ₹12 लाख तक की आय पर टैक्स क्यों नहीं लगता?
नए रिजीम में धारा 87A के तहत टैक्स योग्य आय ₹12 लाख तक होने पर छूट मिलती है, जिससे देय टैक्स शून्य हो जाता है। ध्यान रखें कि यह छूट कुछ विशेष दर वाली आय (जैसे शेयर के कैपिटल गेन) पर लागू नहीं होती।
Q4. क्या यह कैलकुलेटर सटीक नतीजे देता है?
यह कैलकुलेटर मौजूदा स्लैब के आधार पर अनुमानित टैक्स दिखाता है। आपकी असल देनदारी अन्य आय, कटौतियों और सरचार्ज जैसे कारकों से थोड़ी अलग हो सकती है।
Q5. अगर मैंने रिजीम नहीं चुना तो क्या होगा?
ऐसी स्थिति में नया टैक्स रिजीम अपने-आप लागू माना जाता है। अगर आपको पुराना रिजीम चाहिए तो उसे अलग से चुनना पड़ता है।
Q6. क्या TaxTool.online का इस्तेमाल फ्री है?
जी हां, सभी कैलकुलेटर पूरी तरह फ्री हैं और इस्तेमाल के लिए किसी रजिस्ट्रेशन या लॉगिन की जरूरत नहीं है।
निष्कर्ष
नया बनाम पुराना रिजीम का कोई एक जवाब सबके लिए सही नहीं है। यह आपकी आय, निवेश, किराए और लोन पर निर्भर करता है। सबसे समझदारी भरा तरीका है कि दोनों का कैलकुलेशन करें और जो कम टैक्स दे, उसे चुनें। TaxTool.online का फ्री कैलकुलेटर इसमें आपका समय और मेहनत दोनों बचाता है। टैक्स की किसी जटिल स्थिति में योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट की सलाह जरूर लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, इसे टैक्स या वित्तीय सलाह न समझें।